करवा चौथ व्रत कथा | karwa chauth vrat katha

आज हम karwa chauth vrat ki vidhi एव karwa chauth vrat katha एवं आरती सभी को जानने वाले है साथ ही हम इस पेज के माद्यम से यह भी जानेगे की किस तरह से हम चौथ व्रत को कर सकते है और इस व्रत के नियम क्या है



karwa chauth vrat ki vidhi


चौथ व्रत की विधि : कारतिक महिने की वद चोथ के दिन को कडवा चोथ कहा जाता है। यह व्रत सिर्फ सुहागीन स्त्री ही कर सकती है। अपने पति के सुख, समृद्धि और उसकी सुरक्षा के लिए यह व्रत किया जाता है। इस दिन सौभाग्यवती स्त्रीयाँ उपवास करती है। रात को शंकर-पार्वती तथा चंद्र के दर्शन किये बाद चंद्र को अर्घ्य दिया जाता है और उसके बाद ही उपवास छोड़ा जाता है। उस दिन भीनी मिट्टी में से पार्वतिजी की मूर्ति बनाकर उसकी पूजा भी की जाती है।


karwa chauth vrat katha

चौथ व्रत कथा : एकबार अर्जुन तप करने के लिए निलगिरी पर्वत पर गया । फिर पांडवों पर एक बाद एक आपत्तियाँ आने लगी । अतः गभराकर द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान धरा । भगवान श्रीकृष्ण तुरन्त ही पधारे । तो द्रौपदी ने अपनी शंका भगवान को बताई तब भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी से कहा,


एक बार मा पार्वतीजी ने भी शिवजी से यही प्रश्न किया था । तब भगवान सदाशिव पार्वतिजी से 'करवा चौथ का व्रत करने के लिए बताते हुए कहा कि एक धर्म परायण एवं गुणवान ब्राह्मण को चार पुत्र और एक सुशील पुत्री थी । लग्न के बाद यही पुत्री ने करवा चोथ का व्रत किया पर भूख सहन न होने से उसने चंद्र के दर्शन करने से पहले ही भोजन कर लिया और ईसलिए उपवास तूटते ही उसके पति की मृत्यु हुई ।


ईसलिए वह अत्यंत विलाप करने लगी। ठीक उसी समय इन्द्राणी पृथ्वी पर सैर करने नीकले थे। उसने उस ब्राह्मण की पुत्री का विलाप सुना अत: वह उसके पास गए और उसे आश्वासन दिया। सारा वृत्तांत जानने के बाद इन्द्राणी बोले,


तुने चंद्र को अर्घ्य दिये बिना ही भोजन लिया उसका यह फल है।


यह सुनकर वह ब्राह्मण कन्या को बहोत ही पछतावा करने लगी इन्द्राणी ने उसे यह व्रत करने की सलाह दी और फिर उस ब्राह्मण न्या ने पूरी श्रद्धा से यह व्रत किया तो उसका पति सजीवन हो गया। श्रीकृष्ण ने द्रौपदी से कहा, 'अगर इसी प्रकार तु भी यह व्रत करेगी 44 तो सब ठीक हो जाएगा।


भगवान श्रीकृष्ण की बात मानकर द्रौपदी ने यह व्रत करना प्रारंभ किया और उसके परिणाम स्वरूप पांडवों पर एक के बाद एक आपत्तियां आई तो भी वह विजयी बने


इस प्रकार द्रौपदी ने किया हुआ यह 'करवा चोथ' का व्रत सौभाग्यवती स्त्रीयाँ श्रद्धापूर्वक करती है आज के दिन गणपति की कथा भी कि जाती है। जो इस प्रकार है।


एक अंधी वृद्धा थी । उसे एक पुत्र था और एक पुत्र की बहु थी । यह वृद्धा हररोज अत्यंत श्रद्धापूर्वक गणपतिजी की सेवा पूजा करती । ईसलिए एक दिन गणपतिजी उस वृद्धा पर प्रसन्न हुए और प्रगट होकर उसे कहने लगे कि,


हे वृद्धा ! मांगो मांगो तुम जो मांग वह दुं । मैं प्रसन्न हुआ हूं।" तुम पर अति


तब वृद्धा बोले, क्या मांगुं उसकी मुझे कुछ खबर नही ? बहु बेटे को पूछकर कल मांगुगी ।


गणपति तो वृद्धा की बात मान गए। ने -बेटे से वृद्धा ने बहु पूछा तो वह दोनों ने वृद्धा से कहा कि, "हम लोग बहुत गरीब है इसलिए आप गणपति के पास से धन मांग लो।"


ने पूरा गाँव में सबको पूछा तो सबने तो अपनी अपनी वृद्धा ने तो रीत से वृद्धा को सलाह दी। दूसरे दिन गणपतिजी आए और कहा, "मांग लो जो चाहिए वह।


वृद्धा ने कहा, मुझे नौ कोटी माया दो, निरोगी काया दो, अमर सुहाग दो, आंखों का तेज दो, पौत्र-पौत्री परिवार का सुख दो और अंत में मोक्ष दो।


तब गणपति ने कहा, तुमने तो सबकुछ मांग लिया। गणपति ने हंसते हंसते वृद्धा को सब कुछ दे दिया और इस प्रकार करवा चोथ के दिन स्त्रीयां गणपति के पास सब कुछ मांगती है और प्राप्त करती है।


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आपके द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न - Karwa Chauth 2021 Puja Vidhi

उत्तर - जैसे की आप सभी को पता होता है की चौथ व्रत को करने के लिए हर कोई स्त्री काफी खुश रहती है क्युकी इस व्रत को करने से उसके सुहाग की उम्र लम्बी होती है तो इस व्रत को आपको ध्यान से करना है जिसे आपकी सभी मनोकामना पूरी हो सके और रही व्रत की विधि जो आपको उपर बता दी गई है तो आप इस व्रत को दयां से करे


प्रश्न - Karwa Chauth Puja Kaise karte hai

उत्तर - यदि आपके मन में यह सवाल आ रहा है की Karwa Chauth Puja Kaise karte hai तो आपको बताई गई विधि को ध्यान से पढ़ ले जिसके बाद आपका Karwa Chauth Puja Kaise karte hai जैसा सवाल दुबारा नहीं पुछना पढ़ेगा |


प्रश्न - करवा चौथ की पूजा कैसे की जाती है?

उत्तर - करवा चौथ की पूजा महिलाओ के द्वारा अपने पति की लम्बी आयु के लिए किया जाता है करवा चौथ व्रत हिन्दू महिलाओ का महत्वपूर्ण व्रत त्यौहार है यह प्रतिवर्ष कार्तिक मास के कृष्‍ण पक्ष में चतुर्थी के दिन मनाया जाता है और आपको जानकारी से बता दे की यह दिवाली से तक़रीबन 9 दिन पहले होता है


प्रश्न - करवा चौथ की रात को पति पत्नी क्या करते हैं?

उत्तर - सभी हिन्दू महिलाये अपने पति के साथचन्द्रमा का दर्शन करती है और इस व्रत में महिलाओ के द्वारा पुरे दिन कुछ भी नहीं खाया जाता है और शाम को दर्शन के समय पति के द्वारा अपनी पत्नी को पानी पिलाकर उसके व्रत को पूरा किया जाता है इस व्रत को करने से पति पत्नी में रिस्तो में मिठास आती है और सभी आपसी जगड़ो का निवारण हो जाता है |


प्रश्न - करवा चौथ में पूजा का सामान क्या क्या लगता है बताइए?

उत्तर - अगर आपको नहीं पता है की करवा चौथ व्रत कथा में और करवा चौथ में पूजा में कौन कौनसा समान लगता है तो तो आपको बात दे की


एक मिट्टी का करवा, एक पानी से भरा हुआ लोटा चन्दन फुल रुई एक दीपक रुई चंदन कुमकुम , अगरबत्ती कच्चा दूध अक्षत देशी धी हल्दी चावल शकर चीनी का बुरा मिटाई मेहदी कंघा बिंदी महावर gori बनाने के लिए पिल्ली मिट्टी बेठने के लिए लकड़ी का आसन छलनी आठ पुरिया आदि यदि अगर इस समान में किसी भी प्रकार की कमी लगे तो अपनी महिला मित्र से पूछ ले जो इस व्रत को कर रही हो |


जैसा की आप सभी ने इस आर्टिकल के माध्यम से karwa chauth vrat katha और karwa chauth vrat ki vidhi दोनों को पढ़ा अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अची लगी हो और यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो आप इस व्रत कथा को 10 लोगो को जरुर भेजे जिससे आपकी सभी मनोकामनाए पूरी हो


अधिक जानकारी के लिए यह पढ़े - राजस्थान का सामान्य ज्ञान 2022

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